अपनी लेबनान यात्रा के दौरान ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान लेबनान और मक़बूज़ा फिलिस्तीन की सीमा के ज़ीरो पॉइंट पर पहुंचे और लेबनानी प्रतिरोध को हर मुमकिन इमदाद की यक़ीन दहानी कराई।
आज लेबनान और फिलिस्तीन समेत इलाक़े के सभी प्रतिरोधी दल और किसी भी वक़्त के मुक़ाबले बेहद ताक़तवर और संगठित हैं जबकि इस्राईल अपने 70 -75 साल के इतिहास के सबसे बुर्रे दौर से गुज़र रहा है। आंतरिक संकट, राजनैतिक गतिरोध, कई टुकड़ों में बंटते समाज के साथ सुरक्षा संकट का सामना कर रहे इस्राईल में दुनियाभर से आकर बसे यहूदियों की वापसी का सिलसिला भी शुरू हो गया है जिस से ज़ायोनी लॉबी में निराशा और मायूसी का माहौल है।
ऐसे में ईरानी विदेश मंत्री का लेबनान फिलिस्तीन बॉर्डर पर पहुंचना और प्रतिरोधी दलों को भरपूर समर्थन का वादा इस्राईल को आग लगाने के लिए काफी है।
लेबनानी विदेश मंत्री अब्दुल्लाह बू हबीब की दावत पर लेबनान पहुंचे हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने लेबनान और मक़बूज़ा फिलिस्तीन की सीमा के ज़ीरो पॉइंट मारूनूर रास पर दरख़्त लगाने के बाद इस्राईल का अंदरूनी हिस्सा का नज़ारा भी किया। अमीर अब्दुल्लाहियान ने शहीद इमाद मुग़निया, शहीद क़ासिम सुलेमानी,शहीद अबू मेहदी और दुसरे शहीदों को याद किया और प्रतिरोधी दलों को ईरान के भरपूर समर्थन का यक़ीन दिलाते हुए कहा कि हम आज लेबनान और मक़बूज़ा फिलिस्तीन की सीमा के ज़ीरो पॉइंट पर खड़े हैं और एक बार फिर ऐलान करते हैं कि हम ज़ायोनी लॉबी के मुक़ाबले प्रतिरोधी दलों की भरपूर हिमायत करते रहेंगे।
सय्यद हसन नसरुल्लाह से अपनी मुलाक़ात का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लेबनान और फिलिस्तीनी प्रतिरोधी दल और किसी भी वक़्त के मुक़ाबले बेहद ताक़तवर और संगठित हैं जबकि इस्राईल अपने 70 -75 साल के इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है।
उन्होंने कहा की ईरान इस पूरे इलाक़े के लिए नेकी और भलाई के अलवाला कुछ भी नहीं चाहता। हम संकट और मुश्किल के दिनों में भी लेबनन के साथी बने रहे हैं और लेबनान की खुशहाली और अच्छे दिनों में भी पूरी ताक़त के साथ उस के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा की हमारा इलाक़ा इतिहास के एक नए दौर में दाखिल हो चुका है। इलाक़े के देशों का बढ़ता आपसी सहयोग सभी देशों के लिए अच्छा होगा और षड्यंत्रकारी ज़ायोनी लॉबी को अपनी साज़िशों में मुंह की खाना होगी।
वहीँ हुसैन अमीर अबुल्लाहियान के ज़ीरो पॉइंट पहुँचने पर ज़ायोनी मीडिया ने ख़ास कवरेज देते हुए इस उकसावे वाली हरकत बताया।
इस्राईल के i24 चैनल ने कहा की इलाक़े के तेज़ी से बदलते हालात के बीच हुसैन अमीर अबुल्लाहियान का ज़ीरो पॉइंट पर पहुंचना एक सोची समझी प्लानिंग का नतीजा है और यह इस्राईल के लिए एक राजनैतिक संदेश के साथ साथ मिलिट्री मैसेज भी है।
i24 ने कहा कि हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान की मौजूदगी और अलग आग एंगल से यहाँ की तस्वीरें लेना इस्राईली विदेश मंत्री के तुर्कमेनिस्तान ईरान बॉर्डर पर हाज़िरी का मुंहतोड़ जवाब है।
उनकी लेबनान यात्रा और ज़ीरो पॉइंट पर आना और इस तरह मिडिया की सुर्खियां बनाना मिडिल ईस्ट के तेज़ी से बदलते हालत के बीच इस्राईल पर दबाव बनाने की नीति का हिस्सा है।